Meta Apology to IT Minister: PM मोदी की पोस्ट रिस्ट्रिक्ट होने पर मेटा ने मांगी माफी, 10 पॉइंट में समझें पूरा मामला

मेटा की बड़ी चूक: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा (Meta) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पोस्ट को गलती से ‘प्रतिबंधित’ (Restrict) करने पर भारत सरकार से औपचारिक माफी मांगी है।

टॉप एग्जीक्यूटिव का बयान: मेटा के मुख्य वैश्विक मामलों के अधिकारी (Chief Global Affairs Officer) जोएल कापलान ने कंपनी की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान दिया।

आईटी मंत्री से बातचीत: जोएल कापलान ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से संपर्क कर कंपनी की इस बड़ी चूक पर खेद जताया।

कापलान का आधिकारिक बयान: जोएल कापलान ने कहा, “मैंने पीएम मोदी की पोस्ट को प्रतिबंधित करने वाली त्रुटि के लिए मेटा की ओर से आईटी मंत्री से माफी मांगी है।”

तकनीकी गड़बड़ी का हवाला: मेटा के अनुसार, यह कार्रवाई किसी जानबूझकर किए गए फैसले के तहत नहीं, बल्कि सिस्टम के एक ऑटोमेटेड एल्गोरिदम एरर के कारण हुई थी।

मंत्रालय का कड़ा रुख: पीएम मोदी के पोस्ट की रीच और दृश्यता (visibility) सीमित होने के बाद केंद्रीय आईटी मंत्रालय ने मामले पर कड़ा संज्ञान लिया था।

तत्काल हटाया गया रिस्ट्रिक्शन: मेटा ने स्पष्ट किया कि जैसे ही इस तकनीकी खामी का पता चला, पोस्ट पर लगे प्रतिबंध को तुरंत हटा लिया गया था।

सिस्टम में सुधार का वादा: कंपनी ने भारत सरकार को आश्वासन दिया है कि अपने ऑटोमेटेड मॉडरेशन सिस्टम को और दुरुस्त किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

कंटेंट मॉडरेशन पर सवाल: इस घटना के बाद टेक कंपनियों के ऑटो-मॉडरेशन सिस्टम और हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स की फ्लैगिंग को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।

The Hind 24 रिपोर्ट: टेक दिग्गजों द्वारा भारतीय संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के कंटेंट फ्लैगिंग के मामलों पर भारत सरकार लगातार सख्त मॉनिटरिंग कर रही है।