बिजनेस डेस्क, द हिंद 24: टाटा ग्रुप की दिग्गज रसायन कंपनी टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) को एक तरफ जहां अफ्रीका के केन्या में बड़ा झटका लगा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका से कंपनी के लिए राहत भरी खबर आई है। केन्या सरकार द्वारा कारोबार समेटने का आदेश मिलने के तुरंत बाद, टाटा केमिकल्स की अमेरिकी सहायक कंपनी टाटा केमिकल्स नॉर्थ अमेरिका (TCNA) ने अमेरिका में एक दिवालिया कंपनी के मुख्य ग्राहक अनुबंधों (Customer Contracts) को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है।
यह मामला ठीक वैसा ही है जैसे भारत में दिवालिया हो चुकी जेपी एसोसिएट्स (JP Associates) के संपत्तियों और अनुबंधों के लिए देश के बड़े कॉर्पोरेट घरानों द्वारा बोली लगाई जाती रही है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
केन्या का कड़ा रुख: केन्याई राष्ट्रपति विलियम रूटो ने टाटा केमिकल्स की केन्याई इकाई ‘टाटा केमिकल्स मगाडी लिमिटेड’ (TCML) को परिचालन बंद करने और देश छोड़ने का निर्देश दिया है।
अमेरिका में बड़ी कामयाबी: अमेरिका की दिवाला प्रक्रिया (Chapter 11 Bankruptcy) के तहत टाटा केमिकल्स की अमेरिकी सब्सिडियरी TCNA को सफल बोलीदाता घोषित किया गया।
201 करोड़ रुपये का सौदा: यह डील सियर्स वैली मिनरल्स इंक (Searles Valley Minerals – SVM) के साथ लगभग 21.16 मिलियन डॉलर (करीब 201 करोड़ रुपये) की नकद राशि में पूरी हुई है।
5 लाख मीट्रिक टन का अनुबंध: इसके तहत अगले दो से तीन वर्षों में 5,00,000 मीट्रिक टन से अधिक सोडा ऐश (Soda Ash) की आपूर्ति के ग्राहक अनुबंध टाटा केमिकल्स को मिलेंगे।
अमेरिका में दिवालिया कंपनी सियर्स वैली के अनुबंधों पर किया हस्ताक्षर।

टाटा केमिकल्स लिमिटेड द्वारा शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली अमेरिकी सब्सिडियरी टाटा केमिकल्स नॉर्थ अमेरिका इंक (TCNA) ने सियर्स वैली मिनरल्स इंक (SVM) की ‘चैप्टर 11 बैंकरप्सी’ प्रक्रिया के तहत यह बोली जीती है।
अमेरिका की डेलावेयर बैंकरप्सी कोर्ट ने इस सौदे को स्वीकृति प्रदान की है। इस अधिग्रहण के तहत टाटा केमिकल्स को उत्तरी अमेरिका में सोडा ऐश आपूर्ति के वे सभी अनुबंध, ग्राहक डेटा, मांग पूर्वानुमान और लॉजिस्टिक्स अधिकार मिल जाएंगे, जो पहले सियर्स वैली के पास थे। इससे अमेरिकी बाजार में टाटा केमिकल्स का पोर्टफोलियो मजबूत होगा।
केन्या विवाद: क्यों मिला कारोबार समेटने का आदेश?
केन्या में टाटा केमिकल्स लंबे समय से ‘मगाडी लेक’ से सोडा ऐश निकालने का काम कर रही थी। हालांकि, सितंबर 2026 की शुरुआत में केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो (William Ruto) ने कंपनी को काम रोकने और देश छोड़ने का आदेश जारी कर दिया।
केन्या सरकार का आरोप: राष्ट्रपति रूटो का कहना है कि लंबे समय से लीज मिलने के बावजूद कंपनी ने स्थानीय स्तर पर कांच (Glass) विनिर्माण या प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित नहीं किया, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवाओं को पर्याप्त लाभ नहीं मिला।
टाटा केमिकल्स की प्रतिक्रिया: टाटा केमिकल्स ने कहा कि उसकी केन्याई इकाई (TCML) सभी स्थानीय कानूनी और नियामक आवश्यकताओं का पूरी तरह पालन कर रही है और वह इस मुद्दे का रचनात्मक कानूनी तरीकों से समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।
जेपी एसोसिएट्स जैसा दिवालिया अधिग्रहण मॉडल
अमेरिका में टाटा केमिकल्स द्वारा सियर्स वैली मिनरल्स के अनुबंध हासिल करने की तुलना भारतीय कॉरपोरेट जगत में दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही जेपी एसोसिएट्स (JP Associates) के मामले से की जा रही है। जिस प्रकार भारत में NCLT और इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत संकटग्रस्त कंपनियों की संपत्तियों को दूसरी मजबूत कंपनियां खरीदती हैं, ठीक उसी तरह अमेरिका के बैंकरप्सी कोर्ट में टाटा ने संकटग्रस्त सियर्स वैली के ग्राहक आधार को अधिग्रहित किया है।
वैश्विक सोडा ऐश बाजार में टाटा की साख
टाटा केमिकल्स सोडा ऐश के उत्पादन में दुनिया भर में तीसरे स्थान पर आती है। अमेरिका में 500,000 मीट्रिक टन क्षमता के नए ग्राहक अनुबंध जुड़ने से कंपनी का वैश्विक राजस्व और सप्लाई चेन नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा।

