5600 करोड़ का साइबर फ्रॉड: लुलु मॉल लखनऊ से नेपाल भागा दारोगा का बेटा, विदेश भागे सरगना; HDFC-ICICI खातों से 3,000 करोड़ का लेनदेन5600 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड: ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के दुबई-नेपाल नेटवर्क का खुलासा, दारोगा का बेटा भी गिरफ्तार
देश भर में फैले 5,600 करोड़ रुपये के विशाल साइबर फ्रॉड और अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हाई-टेक साइबर घोटाले के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुबई और नेपाल से जुड़े हुए हैं। मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब जांच के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के एक दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) के बेटे की संलिप्तता भी सामने आई, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
दुबई और नेपाल से संचालित हो रहा था सिंडिकेट
जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप्स के जरिए आम लोगों को रातों-रात अमीर बनने का लालच दिया जाता था। इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य कंट्रोल रूम दुबई और नेपाल में स्थित था। फर्जी ऐप्स का इस्तेमाल: सट्टेबाजी और कैसिनो गेम्स के लिए दर्जनों अवैध ऐप्स और वेबसाइट्स बनाई गई थीं। म्यूल बैंक अकाउंट्स (Mule Accounts): ठगी की रकम को खपाने के लिए देश भर में हजारों फर्जी और गरीब लोगों के नाम पर खोले गए बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। हवाला और क्रिप्टो नेटवर्क: जुटाई गई रकम को तुरंत यूपीआई और नेट बैंकिंग के जरिए छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर हवाला नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी (USDT) के जरिए विदेश भेज दिया जाता था।
दारोगा के बेटे की भूमिका
पुलिस और साइबर सेल की पड़ताल में पता चला कि दारोगा का बेटा इस सिंडिकेट के लिए लोकल लेवल पर अहम कड़ी का काम कर रहा था। वह फर्जी बैंक खाते (Mule Accounts) उपलब्ध कराने, स्थानीय एजेंटों को मैनेज करने और हवाला ऑपरेटरों के साथ तालमेल बिठाने का काम देखता था। प्रत्येक बड़े लेनदेन पर उसे भारी कमीशन मिलता था।
कार्रवाई और बरामदगी
जांच एजेंसियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने देश के विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर कई आरोपियों को दबोचा है: 5,000 से अधिक बैंक खाते फ्रीज किए गए, जिनमें करोड़ों रुपये की रकम जमा थी। दर्जनों लैपटॉप, प्रीमियम स्मार्टफोन, फर्जी सिम कार्ड और कई लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं। हवाला और क्रिप्टो वॉलेट्स के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा जा सके।मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामले की जांच में शामिल हो गई है। 5,600 करोड़ रुपये के साइबर घोटाले में बड़ा खुलासा। लखनऊ के लुलु मॉल में लोकेशन मिलने के बाद दारोगा का बेटा नेपाल फरार हो गया। वहीं सरगना समेत कई आरोपी दुबई, तुर्की और उज्बेकिस्तान भाग चुके हैं। ICICI और HDFC खातों में 3000 करोड़ के लेनदेन की पुष्टि हुई है।
देश भर में तहलका मचाने वाले 5,600 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में जांच एजेंसियों के हाथ कई बड़े और चौंकाने वाले सुराग लगे हैं। पुलिस और साइबर टीम की कार्रवाई के बीच आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे हैं और विदेश भागने में कामयाब हो रहे हैं।
लुलु मॉल में मिली थी लोकेशन, साइबर टीम के पहुंचने से पहले नेपाल फरार
मामले में नामजद आरोपी और यूपी पुलिस के दारोगा का बेटा लगातार पुलिस को चकमा दे रहा है। जांच में सामने आया है कि साइबर टीम को उसकी आखिरी लोकेशन लखनऊ स्थित लुलु मॉल (Lulu Mall Lucknow) में मिली थी। साइबर टीम जब तक घेराबंदी कर मौके पर पहुंचती, उससे ठीक पहले वह नेपाल की सीमा में दाखिल हो गया। फिलहाल उसकी तलाश में नेपाल बॉर्डर पर भी अलर्ट जारी किया गया है।
दुबई, तुर्की और किर्गिस्तान भागे गिरोह के सरगना
सिंडिकेट के मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी भारत से फरार हो चुके हैं। पुलिस पड़ताल में पता चला है कि गिरोह का सरगना और उसके प्रमुख सहयोगी दुबई, तुर्की, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान जैसे देशों में शरण ले चुके हैं। सुरक्षा और जांच एजेंसियां अब सभी फरार आरोपियों की ट्रैवल हिस्ट्री (Travel History) खंगाल रही हैं। आरोपियों को वापस लाने के लिए लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बैंक खातों से चौंकाने वाले आंकड़े: 3,000 करोड़ का ट्रांजैक्शन
वित्तीय जांच में बैंक खातों को लेकर सबसे बड़े आंकड़े सामने आए हैं: ऑनलाइन गेमिंग खाते: ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े 16 प्रमुख खातों में अकेले 1,037 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन पाया गया है। ICICI और HDFC बैंक खाते: निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक खातों (ICICI व HDFC) का इस्तेमाल इस अवैध नेटवर्क द्वारा बड़े पैमाने पर किया गया, जिनमें कुल मिलाकर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन की पुष्टि हुई है।
जांच एजेंसियां अब इन खातों को ऑपरेट करने वाले शेल कंपनियों (Shell Companies) और फर्जी डायरेक्टर्स के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं।

