प्रस्तावित बदलाव: वित्त मंत्रालय ने EPF की अनिवार्य बेसिक सैलरी सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
लागू होने की समयसीमा: कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इस नए नियम को 1 अप्रैल 2027 से लागू किए जाने की संभावना है।
दायरा बढ़ेगा: ₹15,000 से ₹25,000 के बीच बेसिक सैलरी वाले 1 करोड़ से अधिक नए कर्मचारी अब अनिवार्य रूप से PF और पेंशन योजना (EPS) के दायरे में आ जाएंगे।
टेक-होम सैलरी (In-Hand Pay): आपकी सैलरी से पीएफ कटौती (12%) बढ़ने के कारण हर महीने हाथ में आने वाली (Take-Home) सैलरी थोड़ी कम हो सकती है।
बड़ा रिटायरमेंट फंड: हर महीने अधिक पीएफ कटने और कंपनी द्वारा भी उतना ही अंशदान जमा करने से आपका भविष्य निधि (Retirement Savings) काफी मजबूत होगा।
ज्यादा पेंशन का लाभ: पेंशन फंड (EPS) में भी अधिक योगदान जाएगा, जिससे रिटायरमेंट के समय मिलने वाली मासिक पेंशन राशि में 50-60% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
कंपनियों पर असर: नियोक्ताओं (Employers) को अधिक कर्मचारियों का मैचिंग पीएफ और EPS योगदान देना होगा, जिससे कंपनियों का पेरोल और अनुपालन खर्च (Compliance Cost) बढ़ेगा।