केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो का बड़ा फैसला: टाटा केमिकल्स को देश से कारोबार समेटने का दिया आदेश
प्रमुख बिंदु:
- बड़ा आरोप: केन्याई राष्ट्रपति विलियम रूटो ने कहा—टाटा केमिकल्स की मौजूदगी से देश को कोई फायदा नहीं हुआ।
- इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर सवाल: 100 साल के अनुबंध के बावजूद काजियाडो में फैक्ट्री स्थापित न करने का आरोप।
- नया प्लान: टाटा केमिकल्स की जगह दो नई कंपनियों को लाया जाएगा, जो ग्लास और केमिकल प्लांट लगाएंगी।
नैरोबी (द हिंद 24): केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने भारत के टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाटा केमिकल्स को देश में अपना परिचालन पूरी तरह बंद करने और कारोबार समेटने का निर्देश दिया है। राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि लंबे समय से देश में मौजूदगी के बावजूद कंपनी से केन्या के आर्थिक व औद्योगिक विकास में कोई ठोस फायदा नहीं पहुंचा है।
दक्षिण केन्या के काजियाडो में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रूटो ने कंपनी के कामकाज पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टाटा केमिकल्स के पास क्षेत्र में 100 वर्षों का दीर्घकालिक अनुबंध था, लेकिन इतने लंबे समय में भी कंपनी ने स्थानीय स्तर पर औद्योगिक क्षमता बढ़ाने या किसी विनिर्माण इकाई (फैक्ट्री) को स्थापित करने में रुचि नहीं दिखाई। तीखे तेवर अपनाते हुए राष्ट्रपति ने सवाल उठाया, “क्या हम दूसरों के लिए गुलाम हैं?”
दो नई कंपनियों को सौंपी जाएगी कमान
राष्ट्रपति रूटो ने स्पष्ट किया कि केन्या सरकार टाटा केमिकल्स के स्थान पर दो नई कंपनियों को लाने की योजना बना चुकी है:
- ग्लास निर्माण: काजियाडो में एक बड़ा ग्लास (कांच) कारखाना स्थापित किया जाएगा।
- केमिकल प्रोडक्शन: दूसरी कंपनी के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रसायन/केमिकल विनिर्माण का कार्य संभाला जाएगा।
सोडा ऐश के निर्यात पर पहले ही लगी थी रोक
गौरतलब है कि जुलाई के अंत में टाटा केमिकल्स ने जानकारी दी थी कि केन्या सरकार ने उसकी मगाडी सोडा फैक्ट्री में कामकाज निलंबित करने और सोडा ऐश के निर्यात पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। ताजा घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध और गहरा गया है। खबर लिखे जाने तक इस आदेश पर टाटा केमिकल्स की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

