हालिया सैन्य कार्रवाइयाँ
भारतीय सेना द्वारा आतंकवादी ठिकानों पर किया गया हवाई हमला । मई 2025 की शुरुआत में भारत ने कश्मीर के पहलगाम हमले में मारे गए 26 लोगों के प्रतिशोध में ऑपरेशन “सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकवादी अड्डों पर मिसाइल और वायु हमले किए। इनमें जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर समेत कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारतीय सेना के बयान में कहा गया कि ये हमले सिर्फ आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर केंद्रित और अति-निष्क्रियता वाले थे, जिनमें पाकिस्तानी सैन्य सुविधाएँ सीधे निशाना नहीं बनीं।

इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने जबाबी कार्रवाई की घोषणा की। पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन “बुनयान उल मरसूस” शुरू करने की बात कही, जिसका अरबी में अर्थ है “शीशे की मजबूत दीवार”। पाकिस्तानी सूत्रों के अनुसार शनिवार सुबह पाकिस्तान की ओर से तीन एयरबेस (रावलपिंडी का बेसनूर खान, चकवाल के पास मुरीद, और पंजाब के झांग में रफीकी एयरबेस) पर धमाके सुने गए थे, जिसे उसने भारत के हमले का संकेत माना। इसके पूर्व पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन के माध्यम से भारत के कई इलाकों पर हमले भी करने की कोशिश की थी, जिनमें 26 भारतीय नगरों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, हालांकि भारतीय सेना ने अधिकांश हमलों को विफल कर दिया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल दागे, और सीमा पर तोपखाने से भी गहन गोलीबारी हुई। इन क्रमिक हमलों में दोनों तरफ से दर्जनों लोग मारे और घायल हुए हैं।
दोनों देशों की प्रतिक्रिया

भारतीय सरकार ने लगातार यह तर्क दिया कि उसका हमला आतंकवाद के खिलाफ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल अंत में सेना प्रमुखों के साथ बैठक कर रक्षा बलों को “सिंदूर” ऑपरेशन में लक्ष्य चुनने और समय निर्धारण की पूरी आज़ादी दी। रक्षा सूत्रों का कहना था कि भारतीय सेना ने मिसाइल हमलों के ज़रिए आतंकवादी कैंपों को निशाना बनाया और किसी भी तरह की अति-प्रतिक्रिया से बचने का दावा किया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी बयान जारी कर कहा कि वह देश के साथ खड़ा है और “ऑपरेशन सिंदूर” में भारतीय बलों की वीरता को सलाम करता है।
पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को कायरतापूर्ण और लड़ने की इच्छा दिखाने वाला कहा गया। पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शाहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि भारत द्वारा की गई “भयानक भूल” का बदला उसे चुकाना होगा, और पाकिस्तान “समय, स्थान और तरीके का चुनाव करके” जवाब देगा। पाकिस्तानी सेना प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और बताया कि देश की वायु सेना जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित समय पर जवाबी कार्रवाई करेगा और किसी भी तरह की उकसावे की कार्रवाई बेनकाब कर देगा। दोनों देशों की राजनीतिक पार्टियाँ भी एक-दूसरे पर हमले की गिनती करती रही हैं, और दोनों ओर के नेता चुन-चुनकर जवाबी कार्रवाइयों की वकालत कर रहे हैं।
नागरिकों पर प्रभाव

तीव्र युद्ध की अफ़वाहों के बीच आम नागरिकों की ज़िंदगी पर भी गहरा असर पड़ा है। जंग की भेंट में अब तक दर्जनों आम लोग मारे जा चुके हैं: पाकिस्तान की सेना ने दावा किया है कि भारतीय हमलों और सीमा पर हुई गोलीबारी में कम से कम 31 पाकिस्तानी नागरिक मारे गए और 46 घायल हुए हैं। पाकिस्तानी अधिकृत कश्मीर के मुजफ़्फराबाद में भी भारी तबाही हुई; मस्जिद और मकान तबाह हुए, और स्थानीय लोग पहाड़ों में शरण लेने को मजबूर हो गए। भारत के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में भी गोलीबारी के ज़रिए गुस्सा बरसाया गया; पाक अधिकृत कश्मीर के सरहद इलाके में गोलाबारी से पांच आम नागरिक मरे हैं, जिनमें एक शिशु भी शामिल है। इस हिंसा के कारण जम्मू के पास ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया और कई परिवार बचाव शिविरों में शरण लिए हुए हैं ( तस्वीरें देखें)।
यातायात और रोज़मर्रा की सेवाएँ भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। विमान सेवा का भारी प्रभावित हुआ है: करीब एक दर्जन भारतीय हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और कई इंटरनेशनल उड़ानें रद्द या मार्ग बदलने पर मजबूर हुईं। संयुक्त एयरलाइंस और कोरियन एयर समेत कई विदेशी एयरलाइनों ने रूट बदले और उड़ान रद्द की है। दोनों देशों ने एक-दूसरे का हवाई मार्ग बंद कर रखा है, जिस कारण भारत-पाकिस्तान के बीच वायु संचार बुरी तरह प्रभावित हुआ।
आईपीएल स्थगित कर दिया गया है।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी यह संकट संकट बन गया। बढ़ते तनाव के कारण आईपीएल 2025 को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है। पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स का मैच बीच में ही रोकना पड़ा, और विदेशी खिलाड़ी अपने-अपने देश वापसी की तैयारियाँ करने लगे। पाकिस्तान ने भी अपने घरेलू टी 20 टूर्नामेंट (PSL) के बाकी मुकाबले स्थगित कर दिए हैं। आर्थिक गतिविधियाँ भी प्रभावित हुई हैं; भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है, जबकि कच्चे माल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। आम नागरिक भी घरों में रहने को कहे गए हैं, कई स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, और पंजाब, राजस्थान व गुजरात के सीमान्त इलाकों में बसों के माध्यम से तत्कालीन निकासी की तैयारियाँ की जा रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ताज़ा हिंसक टकराव ने वैश्विक समुदाय को भी सतर्क कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव सहित कई देशों ने दोनों पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है। thehind24 ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति के सलाहकार मार्को रुबियो लगातार भारत-पाकिस्तान दोनों नेताओं से संपर्क में हैं और व्हाइट हाउस ने खुलकर कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस संघर्ष को तेज नहीं होने देना चाहते। वहीं यूरोपीय देश और मध्य पूर्व के मित्र राष्ट्र भी दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील करते रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार इस पूर्व के संघर्ष ने दुनिया के शक्तिशाली राष्ट्रों को भी चिंतित कर दिया है। कई अंतरराष्ट्रीय संधि-प्रक्रिया और निवेश योजनाओं को फिलहाल टाला जा रहा है, और पड़ोसी देशों ने तटस्थ रवैया अपनाकर मामला शांतिपूर्वक सुलझाने पर बल दिया है।
परमाणु युद्ध की आशंका
सबसे बड़ी चिंता इस तनाव का परमाणु युद्ध में बदलने का डर है। भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु संपन्न देश होने की वजह से यहाँ किसी भी छोटी सी भड़काउ घटना भी पूरे क्षेत्र को खतरनाक स्थिति में डाल सकती है। thehind24 ने इसे “दुनिया के सबसे खतरनाक और आबादी वाले परमाणु फलीपॉइंट” के रूप में वर्णित किया है। पिछले तीन दशकों में सबसे भीषण इस भिड़ंत में दोनों देशों की राजनयिक भाषा भी तेज रही है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत के कार्यों को बड़े पैमाने पर युद्ध की कार्रवाई करार दिया है। ऐसे में विश्व पटल पर परमाणु विनाश की आशंका ने जोर पकड़ लिया है। विश्व समुदाय इस तनाव को सीमित संघर्ष तक रखने के लिए दबाव बना रहा है, लेकिन दोनों देश अपनी-अपनी प्रत्युत्तर क्षमता का प्रदर्शन करते हुए परमाणु महत्वाकांक्षा की झलक दे रहे हैं। सवाल है कि क्या कोई भी पक्ष जल्दी ही हथियारों को शांत कर पाएगा, या अंजाम भयावह हो सकता है।


