नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026 – भारत के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार देश का बजट रविवार को पेश किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 2026-27 का बजट पेश किया, जिसे लेकर संसद और सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई।
- बजट की खासियतें
- पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया।
- सरकार ने 2027 में रिकॉर्ड ₹17.2 ट्रिलियन उधार लेने का लक्ष्य रखा है।
- विपक्ष की प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बजट को “भारत की असली समस्याओं से अंधा” बताया। उनका कहना है कि सरकार ने बेरोज़गारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया।
- राजनीतिक असर
- बजट पेश होने के बाद कई राज्यों के मुख्यमंत्री, खासकर चुनावी राज्यों के, नाराज़गी जताते दिखे।
- विपक्ष इसे जनता से जुड़ी समस्याओं से दूर बताते हुए सरकार पर हमलावर है।


