मेजर विक्रांत जेटली: शौर्य की गाथा से लेकर यूएई में कैद तक की पूरी कहानी

नई दिल्ली/दुबई: भारतीय सेना के पूर्व जांबाज और पैरा स्पेशल फोर्सेज (Para SF) के अधिकारी मेजर विक्रांत कुमार जेटली इन दिनों एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी और कूटनीतिक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई मेजर विक्रांत पिछले 18 महीनों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हिरासत में हैं। आइए जानते हैं कौन हैं मेजर विक्रांत जेटली और क्यों उनकी रिहाई के लिए देश में स्वर तेज हो रहे हैं।

कौन हैं मेजर विक्रांत कुमार जेटली?

मेजर विक्रांत का जन्म एक प्रतिष्ठित सैन्य परिवार में हुआ। उनके पिता भी भारतीय सेना में कर्नल के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह अपनी परिवार की चौथी पीढ़ी के सैनिक हैं।

* सैन्य प्रशिक्षण: उन्होंने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया और 15 दिसंबर 2001 को भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया।

* पैरा स्पेशल फोर्सेज (Para SF): वह सेना की सबसे घातक यूनिट ‘3 पैरा (SF)’ का हिस्सा रहे। उन्होंने गुलमर्ग स्थित हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (HAWS) से विशेष प्रशिक्षण लिया।

* शौर्य पुरस्कार: अपने 20 साल के करियर के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में कई महत्वपूर्ण आतंकवाद विरोधी अभियानों में भाग लिया। उनकी वीरता के लिए उन्हें ‘COAS Commendation Card’ (थल सेना प्रमुख प्रशंसा पत्र) से सम्मानित किया गया।

* यूएन मिशन: उन्होंने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (UNIFIL) के तहत एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेवाएं दीं।

रिटायरमेंट के बाद का सफर

दिसंबर 2021 में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद, मेजर विक्रांत ने कॉर्पोरेट जगत की ओर रुख किया। वह 2016 से ही यूएई में रह रहे थे और दुबई स्थित ‘Mātiti Group’ में CEO के पद पर कार्यरत थे। यह कंपनी मुख्य रूप से रिस्क मैनेजमेंट, ट्रेडिंग और कंसल्टेंसी के क्षेत्र में काम करती है।

यूएई में हिरासत और कानूनी लड़ाई

मेजर विक्रांत की जिंदगी में मोड़ सितंबर 2024 में आया, जब उन्हें कथित तौर पर “राष्ट्रीय सुरक्षा” से जुड़े आधारों पर यूएई अधिकारियों द्वारा हिरासत में ले लिया गया। परिवार का आरोप है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट आरोप या कानूनी प्रक्रिया के रखा गया है।

मुख्य घटनाक्रम:

* सितंबर 2024: अबू धाबी/दुबई में हिरासत में लिए गए। परिवार ने इसे “अवैध अपहरण” बताया।

* सेलिना जेटली की याचिका: अपनी भाई की रिहाई और मदद के लिए अभिनेत्री सेलिना जेटली ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

* दिल्ली हाईकोर्ट का दखल: हाल ही में (फरवरी 2026), दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय (MEA) को निर्देश दिया कि वह मेजर विक्रांत को यूएई में कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए एक विशिष्ट लॉ फर्म (Al Maree Partners) को नियुक्त करे।

* कूटनीतिक प्रयास: अदालत के आदेश के बाद भारत सरकार ने एक ‘नोडल ऑफिसर’ नियुक्त किया है जो सीधे परिवार के संपर्क में है और उनकी खैरियत सुनिश्चित कर रहा है।

परिवार की अपील

सेलिना जेटली ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा है, “जिस भाई ने अपनी पूरी जवानी देश की रक्षा में बिता दी, आज उसे हमारी जरूरत है।” उन्होंने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप कर उनके भाई को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।

वर्तमान में, दिल्ली हाईकोर्ट और विदेश मंत्रालय के सक्रिय हस्तक्षेप से मेजर विक्रांत को Consular Access (राजनयिक पहुंच) मिली है, जिससे परिवार को उनकी सुरक्षा की उम्मीद जगी है।

@thehind24

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